स्त्रियों ने कहा, “जब हम स्वर्ग की रानी के लिये धूप जलातीं और चंद्राकार रोटियाँ बनाकर तपावन देती थीं, तब अपने अपने पति के बिन जाने ऐसा नहीं करती थीं।”