अर्थात् दो खम्भे, और उन कँगनियों की गोलाइयाँ जो दोनों खम्भों के सिरों पर थीं, और दोनों खम्भों के सिरों पर की गोलाइयों को ढाँकने के लिये दो दो जालियाँ, और दोनों जालियों के लिये चार चार सौ अनार,