याक़ूब ने अपने पिता से कहा, “मैं तेरा जेठा पुत्र एसाव हूँ। मैं ने तेरी आज्ञा के अनुसार किया है; इसलिये उठ और बैठकर मेरे अहेर के मांस में से खा, कि तू जी से मुझे आशीर्वाद दे।”