इसलिये यदि तेरा सारा शरीर उजियाला हो और उसका कोई भाग अन्धेरा न रहे तो सब का सब ऐसा उजियाला होगा, जैसा उस समय होता है जब दीया अपनी चमक से तुझे उजाला देता है।”