“उसने उसको जंगल में, और सुनसान और गरजनेवालों से भरी हुई मरुभूमि में पाया; उसने उसके चारों ओर रहकर उसकी रक्षा की, और अपनी आँख की पुतली के समान उसकी सुधि रखी।