जीवधारियों के रूप अंगारों और जलती हुई मशालों के समान दिखाई देते थे, और वह आग जीवधारियों के बीच इधर उधर चलती फिरती हुई बड़ा प्रकाश देती रही; और उस आग से बिजली निकलती थी।