तब हम ने सराय में पहुँचकर अपने बोरों को खोला, तो क्या देखा कि एक एक जन का पूरा पूरा रुपया उसके बोरे के मुँह पर रखा है; इसलिये हम उसको अपने साथ फिर लेते आए हैं,