पृथ्वी की छोर से हमें ऐसे गीत की ध्वनि सुन पड़ती है, कि धर्मी की महिमा और बड़ाई हो। परन्तु मैं ने कहा, “हाय, हाय! मैं नष्ट हो गया, नष्ट! क्योंकि विश्वाघाती विश्वासघात करते, वे बड़ा ही विश्वासघात करते हैं।”