और वह उस स्त्री की नामधराई करे, और यह कहकर उस पर कुकर्म का दोष लगाए, ‘इस स्त्री से मैं ने विवाह किया, और जब उससे संगति की तब उसमें कुँवारी अवस्था के लक्षण न पाए,’