क्या उनकी भेड़–बकरियाँ, और गाय–बैल वरन् उनके सारे पशु और धन–सम्पत्ति हमारी न हो जाएगी? इतना ही करें कि हम लोग उनकी बात मान लें, तो वे हमारे संग रहेंगे।”