तो वे उस से कहते, “अच्छा, शिब्बोलेत कह,” और वह कहता, “सिब्बोलेत,” क्योंकि वह इसका ठीक से उच्चारण नहीं कर पाता था; तब वे उसको पकड़कर यरदन के घाट पर मार डालते थे। इस प्रकार उस समय बयालीस हज़ार एप्रैमी मारे गए।