तेरे मन में जो भय बना रहेगा, और तेरी आँखों को जो कुछ दिखता रहेगा, उसके कारण तू भोर को आह मारके कहेगा, ‘साँझ कब होगी!’ और साँझ को आह मारके कहेगा, ‘भोर कब होगा!’