तब उन्होंने अपने पिता याक़ूब से यूसुफ की सारी बातें, जो उसने उनसे कही थीं कह दीं। जब उसने उन गाड़ियों को देखा, जो यूसुफ ने उसके ले आने के लिये भेजीं थीं, तब उसका चित्त स्थिर हो गया।