जब रिबका को उसके पहिलौठे पुत्र एसाव की ये बातें बताई गईं, तब उसने अपने छोटे पुत्र याक़ूब को बुलाकर कहा, “सुन, तेरा भाई एसाव तुझे घात करने के लिये अपने मन में धीरज रखे हुए है।